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दिल की ये धड़कन ठहर जा

प्यार, मोहबत ,इश्क़, इक़रार, इज़हार,.. ये शब्द अभी आम है। प्रेमी लहज़े में अगर बात करे तो अभी दिन कुछ ऐसा चल रहा है कि नजरें तो नज़रें ज़ुबान भी श्रृंगार रस में डुबकी लगा रही है। ये प्रेम के दिन की कहानी है इसीलिए हम भी यहाँ अगले कुछ दिन इश्क़, इज़हार और उसमें मिली दर्द की बात करेंगे।
सुना है प्यार मीठा एहसास होता है। तभी तो जब दिल, कम्बख्त ‘प्रेम’ में पड़ता है तो खुद ब खुद ज़बान रसीली हो जाती है। तभी तो प्यार की चादर ओढ़े होठों पे मुस्कान के साथ गुनगुनाते है..
आपकी नज़रो ने समझा प्यार के काबिल मुझे
दिल की ऐ धड़कन ठहर जा मिल गयी मंजिल मुझे।

खेर अभी हमारा प्रेम भरा साथ बाकी है। इसीलिए पहले दर्द से शुरुआत की जाए। आज की प्रेम कहानी इतनी रफ्तार में होती है कि कब शुरू और कब खत्म हो जाता है पता ही नहीं चलता। कुछ सामान्य मनोदशा जिससे मोहबत के दरमियां रु-ब-रु होना पड़ता है। वो है उदासी, क्रोध, ईर्ष्या, डर, आदि। ये कुछ ऐसी भावनाएं है जो समान्यता प्रेमी जोड़े महसूस किया करते है। अगर बात उदासी की करे तो यह एक ऐसी भावना है जो किसी प्रिय वस्तु के खो जाने पर होती है। यह इतनी भयावह होती है कि कई बार इंसानों को अंदर तक हिल्ला देती है। जब हानि की मात्रा अधिक होती है तब सामन्य वातावरण से इंसान दूरी बनाने लगता है। ऐसी ही एक भावना ईर्ष्या है। जब व्यक्ति पहले से मिल रहे अनुराग में कमी महसूस करने लगता है तो उसे जलन या ईर्ष्या जैसी भावना होने लगती है। वह आपने आप को असुरक्षित महसूस करता है। और उसे हमेशा ऐसा लगता है की उसका स्थान कोई दूसरा ले रहा है। यह सोच असहजता उत्पन्न करती है।
क्रोध जब अपनी चरम सीमा पर होता है तब अच्छे-अच्छे रिश्तों को बर्बाद कर देता है। यह एक भावनात्मक अवस्था है जो मन अनुकूल कार्य न होने पर भड़क जाता है। मस्तिष्क के एक छोटे भाग को लिम्बिक सिस्टम कहते है जो भावनात्मक प्रक्रिया को नियंत्रित करता है। यह इमोशनल ब्रेन भी कहा जाता है। सेरिब्रल कोर्टेक्स जब चेज़ो को स्वीकार नहीं पता या समझ नहीं पता तो भावात्मक मस्तिष्क उत्तेजित हो जाता है, जिसका परिणाम क्रोध होता है।
इतनी मनः स्थिति से गुजर कर इश्क़ की जंग जीती जाती है। तभी तो एक शेर के बीच की पंक्ति इसको सच करती है।

यह इश्क़ नहीं आसां बस इतना समझ लीजे
इक आग का दरिया है और डूबके जाना है।
जिन रातों में नींद उड़ जाती है क्या कहर की रात होती है।
दरवाज़े टकरा जाते है दीवारों से बातें होती है।

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2 comments on “दिल की ये धड़कन ठहर जा

  1. Sonu Raj Sameer

    Superb 👌👌👌👌

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